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टीएवीआर: महाधमनी वाल्व रोग के लिए न्यूनतम चीर-फाड़ वाला समाधान
हृदय वाल्व की समस्याएं, विशेष रूप से महाधमनी संकुचन, विश्व भर में लाखों लोगों को प्रभावित करती हैं। महाधमनी वाल्व के संकुचित होने से हृदय से रक्त प्रवाह बाधित होता है, जिससे थकान, सांस लेने में तकलीफ और गंभीर मामलों में हृदय गति रुक जाती है। परंपरागत रूप से, क्षतिग्रस्त वाल्व को बदलने के लिए ओपन-हार्ट सर्जरी की आवश्यकता होती थी। हालांकि, ट्रांसकैथेटर महाधमनी वाल्व प्रतिस्थापन (TAVR) ने उपचार में क्रांति ला दी है, क्योंकि यह एक न्यूनतम इनवेसिव विकल्प प्रदान करता है जो तेजी से रिकवरी और कम जटिलताओं का कारण बनता है।
Dr. Ambukeshwar Singh In Interventional Cardiology
Apr 15 , 2026 | 3 min read
हृदय स्वास्थ्य पर डिजिटल युग का अप्रत्यक्ष प्रभाव
स्मार्टफ़ोन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में, हमारा हृदय चुपचाप इसकी कीमत चुका रहा है। यह मूक संकट एक नई महामारी की ओर बढ़ रहा है जिसे "डिजिटल हृदय रोग" कहा जा सकता है।
Dr. Naveen Bhamri In Cardiac Sciences Cardiology Interventional Cardiology
Apr 15 , 2026 | 2 min read
हृदयरोग विज्ञान का भविष्य: प्रौद्योगिकी किस प्रकार हृदय देखभाल में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रही है
हृदयरोग विज्ञान हमेशा से चिकित्सा जगत में नवाचार का अग्रणी रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में इसमें आए बदलावों की गति असाधारण रही है। डिजिटल उपकरणों, इमेजिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स और आनुवंशिकी में हुई प्रगति हृदय रोगों के निदान, उपचार और रोकथाम के तरीकों को बदल रही है।
Max Team In Cardiac Sciences Interventional Cardiology
Apr 15 , 2026 | 4 min read
हृदय रोग और उनके मूक हत्यारे: उच्च रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल और मधुमेह
हृदय रोग विश्व स्तर पर मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि इसके कई गंभीर खतरे अक्सर तब तक छिपे रहते हैं जब तक कि गंभीर क्षति नहीं हो जाती। उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल और मधुमेह जैसी स्थितियाँ भले ही स्पष्ट लक्षण न दिखाएँ, लेकिन ये चुपचाप हृदय संबंधी जोखिम को बढ़ाती हैं। इन गुप्त रोगों के शरीर पर पड़ने वाले प्रभावों को समझना और इनसे बचाव के तरीके जानना दीर्घकालिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
Dr. Preeti Sharma In Cardiac Sciences Cardiology Interventional Cardiology Cardiac Electrophysiology-Pacemaker
Apr 15 , 2026 | 3 min read
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लूज मोशन के घरेलू उपाय जानें मैक्स हॉस्पिटल में। इन आसान और प्रभावी उपायों के माध्यम से दस्त (Loose Motion in Hindi) से जल्दी राहत पाएं और अपने पाचन स्वास्थ्य को सुधारें।
Max Team In Internal Medicine
Jun 18 , 2024 | 3 min read
प्रेगनेंसी में क्या खाना चाहिए (Pregnancy Diet Plan in Hindi) और कैसे सही आहार आपकी और आपके बच्चे की सेहत को बनाए रखने में मदद कर सकता है।
Max Team In Obstetrics And Gynaecology Nutrition And Dietetics
Jun 18 , 2024 | 3 min read
40 वर्ष की आयु के बाद हृदय स्वास्थ्य: हर पुरुष और महिला को क्या जानना चाहिए
चालीस की उम्र अक्सर हमारे स्वास्थ्य के प्रति दृष्टिकोण में एक बड़ा बदलाव लाती है। हमारा शरीर पहले की तरह जल्दी ठीक नहीं हो पाता और हृदय रोग जैसी दीर्घकालिक बीमारियों का खतरा बढ़ने लगता है। पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए, चालीस की उम्र के बाद हृदय स्वास्थ्य बनाए रखना सक्रिय, आत्मनिर्भर और जीवन का भरपूर आनंद लेने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। हालांकि, सही आदतों और समय रहते देखभाल से आप अपने हृदय की रक्षा कर सकते हैं और कई आम समस्याओं से बचाव कर सकते हैं।
Dr. Ripen Gupta In Cardiac Sciences Cardiology Interventional Cardiology
Apr 15 , 2026 | 3 min read
वजन घटाने वाली दवाओं का हृदय पर प्रभाव: जोखिम और सुरक्षित उपाय
हाल के वर्षों में, वजन घटाने वाली दवाओं ने विश्व स्तर पर काफी ध्यान आकर्षित किया है। मोटापा, मधुमेह और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की बढ़ती दर के कारण, कई लोग अपने वजन को नियंत्रित करने के त्वरित तरीके के रूप में दवाओं का सहारा ले रहे हैं। मीडिया में अक्सर लोकप्रिय नाम सामने आते हैं, मशहूर हस्तियां इनका प्रचार करती हैं और वजन प्रबंधन क्लीनिकों में इनकी सिफारिश की जाती है। ये दवाएं परिणाम देने का वादा करती हैं, लेकिन बड़ा सवाल यह है: इनका आपके हृदय स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है?
Dr. Ripen Gupta In Cardiac Sciences Cardiology Interventional Cardiology
Apr 15 , 2026 | 3 min read
क्या आंतरायिक उपवास से दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ सकता है? आपको क्या जानना चाहिए
इंटरमिटेंट फास्टिंग दुनिया भर में सबसे लोकप्रिय स्वास्थ्य रुझानों में से एक बन गया है। मशहूर हस्तियों से लेकर फिटनेस के शौकीनों तक, कई लोगों ने इसे वजन घटाने, ऊर्जा बढ़ाने और समग्र स्वास्थ्य में सुधार के तरीके के रूप में अपनाया है। हालांकि इसे अक्सर एक लाभकारी अभ्यास के रूप में देखा जाता है, लेकिन इस बात को लेकर भी चिंताएं हैं कि क्या इंटरमिटेंट फास्टिंग हृदय पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। इसी वजह से कई लोग यह सवाल करते हैं: क्या इंटरमिटेंट फास्टिंग से दिल के दौरे का खतरा बढ़ सकता है?
Dr. Ripen Gupta In Cardiac Sciences Cardiology Interventional Cardiology Cardiac Electrophysiology-Pacemaker
Apr 15 , 2026 | 2 min read
मोटापा हृदय को कैसे प्रभावित करता है: चेतावनी के संकेत और बचाव के उपाय
Dr. Arvind M Das In Cardiac Sciences Interventional Cardiology
Apr 15 , 2026 | 2 min read
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