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जानें कि 3 महीने की उम्र से पहले बच्चे क्यों रोते हैं

By Dr. Paramjeet Singh Kumar in Paediatrics (Ped)

Dec 26 , 2025 | 2 min read

माता-पिता द्वारा अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:


प्रश्न 1. 3 महीने से कम उम्र के बच्चों का सामान्यतः कितना रोना चाहिए?

उत्तर: सभी सामान्य बच्चे प्रतिदिन 1 से 3 घंटे तक रोते हैं, जो पूरे दिन में बिखरा रहता है।


प्रश्न 2. 3 महीने से कम उम्र के बच्चों में अत्यधिक रोना क्या है?

उत्तर: प्रतिदिन 3 से 4 घंटे से अधिक रोना असामान्य माना जाता है।


प्रश्न 3. अत्यधिक रोने वाले बच्चे की माँ को कौन से खाद्य पदार्थ सीमित मात्रा में देने चाहिए?

उत्तर: ये निम्नलिखित खाद्य पदार्थ हैं:

क) पारे की अधिकता वाली मछली
ख) कुछ हर्बल सप्लीमेंट्स
ग) शराब
d) कॉफी और पेय पदार्थों में कैफीन
ई) अत्यधिक प्रसंस्कृत भोजन

प्रश्न 4. पेट दर्द के संकेत और लक्षण क्या हैं?

उत्तर: पेट दर्द के निम्नलिखित संकेत और लक्षण हैं:

क) असहनीय रोना/चीखना
ख) शिशु द्वारा अपने पैरों को पेट तक खींचना या फैलाना
ग) अत्यधिक गैस निकलना
घ) पेट फूलना/फूलना
ई) झुकी हुई पीठ और/या बंद मुट्ठियाँ
च) लंबे समय तक रोने के बाद चेहरा लाल हो जाना
छ) बार-बार डकार आना

प्रश्न 5. जब बच्चे को पेट दर्द हो तो माँ को क्या खाना चाहिए?

उत्तर: शुरुआती दिनों में नवजात शिशु की देखभाल के लिए फलों, सब्जियों, साबुत अनाज, कम वसा वाले प्रोटीन और कम वसा वाले डेयरी उत्पादों के पर्याप्त सेवन के साथ-साथ प्रतिदिन 2 से 3 लीटर पानी के सेवन को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।


प्रश्न 6. पेट दर्द में प्राकृतिक रूप से क्या मदद करता है?

उत्तर: ये निम्नलिखित बातें हैं:

क) अपने बच्चे को टहलाएं, झुलाएं या कार में घुमाने ले जाएं या बच्चे को दुलारें
ख) बच्चे के पेट को सहलाएं या शिशु की मालिश करें
ग) अपने बच्चे को माँ की गोद में पेट के बल लिटाएँ और उसकी पीठ थपथपाएँ
d) अपने बच्चे को मुलायम कम्बल में लपेटें
ई) पृष्ठभूमि में धीमा संगीत लगाएं
च) अपने बच्चे से धीरे से बात करें और गाना गाएं
छ) बच्चे को गुनगुने पानी से नहलाएं

प्रश्न 7. 3 महीने से कम उम्र के अत्यधिक रोने वाले बच्चे से कैसे निपटें?

उत्तर: माता/देखभालकर्ता को निम्नलिखित कारणों को चरणबद्ध तरीके से खारिज करना चाहिए

  • चरण 1 (भूख की पुकार):

    जब तक अन्यथा साबित न हो जाए, हर रोते हुए बच्चे को भूखा मानें और इसलिए बच्चे को स्तनपान कराना शुरू करें

  • चरण 2 (नींद में रोना):

    अगर बच्चा दूध नहीं पीता या सीमित मात्रा में दूध पिलाने के बाद भी रोना बंद नहीं करता, तो उसे धीरे-धीरे माँ जैसी भावनात्मक बातें करके झुलाएँ। इससे बच्चा आराम से सो सकेगा।

  • चरण 3 (डायपर रोना):

    अगर बच्चा चरण 2 के परीक्षण के बाद भी रोना जारी रखता है तो डायपर की जाँच करें। बच्चे का मल त्वचा को परेशान करता है और जलन और दर्द का एहसास करा सकता है।

  • चरण 4 (तापमान रोना):

    शिशु के लिए आरामदायक वातावरण का आदर्श तापमान 24 डिग्री सेल्सियस है। यदि वातावरण का तापमान गर्मियों की तरह अधिक है, तो शिशु गर्मी सहन नहीं कर पाएगा, जिससे उसे पसीना आएगा और वह बेसुध होकर रोएगा। कभी-कभी ऐसी स्थितियों में बच्चों में बुखार भी हो सकता है और माँ को इस पर ध्यान देना चाहिए।

  • चरण 5 (कोलिक क्राई):

    यदि उपरोक्त चरणों पर पहले ही विचार किया जा चुका है, तो मान लें कि शिशु को पेट दर्द है। पेट दर्द से निपटने के लिए पहले बताए गए तरीकों के अलावा ग्राइप वाटर भी ऐसी स्थिति में उपयोगी हो सकता है।


प्रश्न 8) अत्यधिक रोते हुए बच्चे को चिकित्सा सहायता कब लेनी चाहिए?

उत्तर: ये निम्नलिखित बातें हैं:

क) एक महीने से कम उम्र का बच्चा जो किसी भी तरह से असामान्य दिखता या व्यवहार करता हो
ख) 3 महीने से कम उम्र के शिशुओं में मलाशय का तापमान > 100.3° F
ग) अंडकोश या कमर में सूजन
घ) बार-बार और लगातार उल्टी होना अर्थात मुंह से दूध का अधिक मात्रा में बाहर निकलना
ई) चोट लगने के बाद अत्यधिक रोना
च) 8 घंटे से अधिक समय तक दूध लेने से इंकार करना
छ) रोने के दौरान बच्चे का रंग नीला हो जाना, खासकर होठों का