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हेमोप्टाइसिस: खून की खांसी के अंतर्निहित कारणों को जानें

By Dr. Vivek Saxena in Radiology , Interventional Radiology

Dec 22 , 2025 | 1 min read

हेमोप्टाइसिस तब होता है जब रोगी ब्रोंची, स्वरयंत्र, श्वासनली या फेफड़ों से खून या खून का थूक बाहर निकालता है। सीटी से पता लगाए जा सकने वाले सबसे आम अंतर्निहित कारण ये हैं:

  • यक्ष्मा
  • ब्रोन्किइक्टेसिस
  • क्रोनिक ब्रोंकाइटिस
  • न्यूमोनिया
  • कवकीय संक्रमण
  • फेफड़े की दुर्दमता

*भारी हेमोप्टाइसिस 24 घंटे के भीतर 300 मिलीलीटर से अधिक रक्तस्राव है।

हेमोप्टाइसिस का मूल्यांकन कैसे किया जाता है?

हेमोप्टाइसिस के मूल्यांकन के लिए प्रासंगिक इमेजिंग पद्धतियाँ हैं:

  • छाती का रेडियोग्राफ - यह रक्तस्राव को अधिक निश्चितता के साथ पार्श्विक रूप देता है तथा अक्सर अंतर्निहित पैरेन्काइमल और प्ल्यूरल असामान्यताओं का पता लगाने में मदद कर सकता है।

  • MDCT - कंट्रास्ट-एन्हांस्ड MDCT रक्तस्राव के स्थान को प्रदर्शित करने में सक्षम है। यह वक्षीय और ऊपरी उदर वाहिका तंत्र के उच्च-रिज़ॉल्यूशन एंजियोग्राफ़िक अध्ययन प्रदान करता है जो प्रत्याशित ब्रोन्कियल धमनी एम्बोलिज़ेशन या सर्जिकल हस्तक्षेप से पहले उपयोगी होते हैं।

  • थोरैसिक एओर्टोग्राफी (ब्रोंकियल धमनी एम्बोलिज़ेशन) - यह बड़े पैमाने पर हेमोप्टाइसिस को नियंत्रित करने के लिए सबसे प्रभावी चिकित्सा है। 90% से अधिक हेमोप्टाइसिस मामलों में धमनी एम्बोलिज़ेशन या सर्जरी के साथ हस्तक्षेप की आवश्यकता होती है, ब्रोन्कियल धमनियां रक्तस्राव के लिए जिम्मेदार होती हैं।

डॉ. विवेक सक्सेना का कहना है कि 75-90% से अधिक मामलों में तकनीकी सफलता प्राप्त की गई है और लगभग 20% मामलों में आवर्ती रक्त देखा जाता है, जो मुख्य रूप से हेमोप्टाइसिस के गैर-ब्रोंकियल प्रणालीगत संपार्श्विक या फुफ्फुसीय कारण की पहचान न होने के कारण होता है।